यूपी शिक्षक भर्ती 2026: उत्तर प्रदेश में 60,000 शिक्षकों की बंपर भर्ती की तैयारी, जानें जिलेवार रिक्तियां, वेतनमान और आवेदन प्रक्रिया

उत्तर प्रदेश में सरकारी शिक्षक बनने का सपना देखने वाले लाखों युवाओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) ने प्राथमिक और उच्च प्राथमिक परिषदीय विद्यालयों में लगभग 60,000 रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया की प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी हैं। शिक्षा विभाग ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSAs) को 'ई-अधियाचन' (e-Adhyachan) पोर्टल पर रिक्तियों का विवरण अपलोड करने का निर्देश जारी किया है।

यूपी शिक्षक भर्ती 2026 आवेदन उत्तर प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की भारी कमी को दूर करने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग लगभग 60,000 पदों पर नई नियुक्तियों का विज्ञापन जारी करने की तैयारी में है।
मुख्य निष्कर्ष (Key Takeaways)
  • कुल रिक्तियों की संख्या: उत्तर प्रदेश के परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में लगभग 60,000 पदों पर शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी।
  • ग्रामीण बनाम शहरी कैडर: चिह्नित रिक्तियों में से लगभग 48,000 पद ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में और लगभग 11,508 पद शहरी क्षेत्रों के स्कूलों में रिक्त हैं।
  • ई-अधियाचन पोर्टल: राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) द्वारा विकसित पोर्टल पर सभी जिलों के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को रिक्त पदों का डेटा अपलोड करने का काम सौंप दिया गया है।
  • प्रस्तावित आयु सीमा: सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम आयु 40 वर्ष होने की संभावना है, जिसमें आरक्षित श्रेणियों को नियमानुसार छूट दी जाएगी।
  • वेतन संरचना: नवनियुक्त सहायक शिक्षकों को 7वें वेतन आयोग के लेवल-6 (Level 6) पे-मैट्रिक्स के तहत ₹35,400 मूल वेतन और महंगाई भत्ते (DA) सहित लगभग ₹50,000-55,000 मासिक वेतन मिलेगा।
  • ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य: यह भर्ती अभियान उत्तर प्रदेश की पिछली बड़ी शिक्षक नियुक्तियों—जैसे 2018 की 68,500 भर्ती और 2019 की 69,000 सहायक शिक्षक भर्ती के बाद पहला सबसे बड़ा अभियान है।

यूपी शिक्षक भर्ती 2026: 60,000 पदों पर भर्ती की प्रशासनिक रूपरेखा

उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों की कमी को पूरा करने और शिक्षा के स्तर में सुधार लाने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग एक व्यापक भर्ती अभियान की योजना बना रहा है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC), जिसका गठन हाल ही में राज्य के सभी शैक्षणिक संस्थानों में पारदर्शी नियुक्तियों के लिए किया गया है, इस पूरी परीक्षा और चयन प्रक्रिया का संचालन करेगा। शिक्षा विभाग के वरिष्ठ सूत्रों के अनुसार, राज्य के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में लगभग 60,000 शिक्षक पदों को भरने के लिए रिक्तियों की पहचान कर ली गई है। सरकार का मुख्य ध्यान ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में शिक्षक-छात्र अनुपात (PTR) को राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप लाना है।

ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में रिक्तियों का विभाजन

विभाग द्वारा किए गए प्राथमिक मूल्यांकन में पाया गया है कि सबसे अधिक रिक्तियां ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों में हैं। चिह्नित की गई 60,000 रिक्तियों में से लगभग 48,000 पद ग्रामीण कैडर के परिषदीय विद्यालयों में खाली पड़े हैं, जहां हाल के वर्षों में सेवानिवृत्ति और पदोन्नति के कारण शिक्षकों की भारी कमी हो गई थी। वहीं, शहरी कैडर के स्कूलों में लगभग 11,508 रिक्त पदों की पहचान की गई है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSAs) को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वे अपने-अपने जिलों के अंतर्गत आने वाले सभी ब्लॉकवार स्कूलों का भौतिक सत्यापन करें और रिक्त पदों की सटीक सूची तैयार करें ताकि कोई भी विसंगति न रहे।

ई-अधियाचन (e-Adhyachan) पोर्टल की भूमिका और प्रगति

भर्ती प्रक्रिया में होने वाले अनावश्यक विलंब और मानवीय गलतियों को समाप्त करने के लिए सरकार ने इस बार पूरी तरह से डिजिटल प्रणाली को अपनाया है। राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) द्वारा विकसित 'ई-अधियाचन' (e-Adhyachan) ऑनलाइन पोर्टल को सक्रिय कर दिया गया है। इसके माध्यम से सभी जिलों के बीएसए को ऑनलाइन माध्यम से ही रिक्तियों की संख्या, आरक्षण वार सीटों का विवरण और विद्यालयवार आवश्यकताओं का डेटा सीधे आयोग को भेजना होगा। पहले यह प्रक्रिया ऑफलाइन होती थी, जिसमें कागजों के लेन-देन और फाइलों के एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय स्थानांतरित होने में महीनों लग जाते थे। अब रीयल-टाइम डेटा संकलन से विज्ञापन जारी करने की गति तेज हो जाएगी।

उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं को रोजगार देने के लिए प्रतिबद्ध है। वर्ष 2026 में हमारी सरकार विभिन्न विभागों में 1.5 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान करेगी, जिसमें अकेले बुनियादी शिक्षा और पुलिस विभाग में लगभग 50,000-50,000 भर्तियां शामिल होंगी। हम भर्ती प्रक्रियाओं को पूरी तरह से पारदर्शी और निष्पक्ष बनाएंगे। — योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश (2025)

उत्तर प्रदेश शिक्षक भर्ती 2026 के लिए पात्रता मानदंड और आयु सीमा

प्रस्तावित 60,000 शिक्षक भर्ती परीक्षा में शामिल होने के लिए अभ्यर्थियों को राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) और उत्तर प्रदेश शासन द्वारा निर्धारित अनिवार्य योग्यता मानदंडों को पूरा करना होगा। चूंकि यह भर्ती प्राथमिक स्तर (कक्षा 1 से 5) और उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा 6 से 8) के लिए की जाएगी, इसलिए दोनों स्तरों के लिए आवश्यक शैक्षणिक और व्यावसायिक योग्यताएं अलग-अलग होंगी। अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे विज्ञापन जारी होने से पहले अपने सभी आवश्यक प्रमाण पत्र और योग्यता दस्तावेज तैयार रखें ताकि आवेदन के समय किसी असुविधा का सामना न करना पड़े।

शैक्षणिक और व्यावसायिक योग्यता (Educational Qualifications)

सहायक अध्यापक (प्राथमिक) के पदों पर आवेदन करने के लिए बुनियादी शैक्षणिक योग्यता इस प्रकार प्रस्तावित है:

  • स्नातक की डिग्री: अभ्यर्थी के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से न्यूनतम 50% अंकों के साथ स्नातक (Graduation) की डिग्री होनी अनिवार्य है।
  • शिक्षण डिप्लोमा/डिग्री: दो वर्षीय डिप्लोमा इन एलिमेंट्री एजुकेशन (D.El.Ed / पूर्व नाम BTC) या शिक्षाशास्त्र में स्नातक (B.Ed) की डिग्री होना आवश्यक है। (ध्यान दें: बीएड की प्राथमिक शिक्षक पात्रता के संबंध में माननीय न्यायालय के अंतिम दिशा-निर्देशों का पालन किया जाएगा)।
  • शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET): अभ्यर्थी का उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) या केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) का प्राथमिक स्तर का पेपर-1 उत्तीर्ण होना आवश्यक है। उच्च प्राथमिक शिक्षक के लिए पेपर-2 उत्तीर्ण होना अनिवार्य होगा।
आयु सीमा और छूट (Age Limit and Relaxations)

भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने के लिए अभ्यर्थियों की आयु सीमा 21 वर्ष से 40 वर्ष के बीच होनी प्रस्तावित है। आरक्षित श्रेणियों (जैसे अन्य पिछड़ा वर्ग - OBC, अनुसूचित जाति - SC, और अनुसूचित जनजाति - ST) के अभ्यर्थियों को उत्तर प्रदेश सरकार के नियमों के अनुसार अधिकतम आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त, महिला अभ्यर्थियों और दिव्यांगों (PWD) के लिए भी सरकारी सेवा नियमावली के तहत आयु सीमा में विशेष छूट देय होगी।

महत्वपूर्ण सूचना (योग्यता मानदंड): उत्तर प्रदेश में पूर्व की शिक्षक भर्तियों (जैसे 68,500 और 69,000) के विपरीत, इस बार चयन प्रक्रिया में उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा कुछ आंशिक बदलाव किए जा सकते हैं। लिखित परीक्षा को पूरी तरह से वस्तुनिष्ठ (Objective Type MCQ) रखा जाएगा जो कि 2 घंटे की अवधि की होगी। अभ्यर्थियों से अनुरोध है कि वे परीक्षा पैटर्न में होने वाले अंतिम बदलावों के लिए केवल आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के नोटिफिकेशन पर ही भरोसा करें।

वेतनमान संरचना: 7वें वेतन आयोग के तहत शिक्षकों की सैलरी

उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में नवनियुक्त शिक्षकों को एक आकर्षक वेतनमान और विभिन्न भत्ते प्रदान किए जाते हैं, जो इसे राज्य की सबसे लोकप्रिय सरकारी नौकरियों में से एक बनाता है। 7वें वेतन आयोग (7th Pay Commission) के लागू होने के बाद से शिक्षकों की सैलरी संरचना को काफी सरल और व्यवस्थित किया गया है। सहायक अध्यापकों की नियुक्ति वेतन स्तर-6 (Level-6) पे-मैट्रिक्स के तहत की जाती है, जिसके तहत आकर्षक भत्तों का लाभ मिलता है।

प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर के वेतन भत्ते

एक नवनियुक्त सहायक अध्यापक (Primary Teacher) का मूल वेतन ₹35,400 प्रति माह होता है। इस मूल वेतन पर वर्तमान दर से महंगाई भत्ता (Dearness Allowance - DA) लागू होता है। इसके अलावा, शिक्षक के पोस्टिंग वाले जिले के आधार पर गृह किराया भत्ता (HRA) प्रदान किया जाता है (ग्रामीण क्षेत्रों के लिए HRA की दरें कम होती हैं, जबकि शहरी क्षेत्रों जैसे लखनऊ, नोएडा या कानपुर में HRA अधिक होता है)। इस प्रकार, सभी भत्तों को मिलाकर एक नए शिक्षक को मिलने वाला शुरुआती कुल वेतन ₹50,000 से ₹55,000 प्रति माह के बीच होता है। समय के साथ, अनुभव और वार्षिक वेतन वृद्धि (Increment) के साथ इस वेतन में लगातार सुधार होता है।

60,000 प्रस्तावित कुल शिक्षक रिक्तियां
₹35,400 शुरुआती मूल वेतन (Basic Pay)
21-40 वर्ष निर्धारित सामान्य आयु सीमा

ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य: उत्तर प्रदेश में पिछली बड़ी शिक्षक भर्तियां

उत्तर प्रदेश का प्राथमिक शिक्षा विभाग देश के सबसे बड़े नियोक्ताओं में से एक रहा है। राज्य में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए समय-समय पर बड़े भर्ती अभियान चलाए गए हैं। हालांकि, ये अभियान हमेशा से विवादों और कानूनी लड़ाइयों से घिरे रहे हैं। नए भर्ती विज्ञापन को समझने के लिए उत्तर प्रदेश की पिछली दो सबसे बड़ी शिक्षक भर्तियों के इतिहास और उनके सबक को जानना आवश्यक है।

68,500 सहायक शिक्षक भर्ती (2018)

वर्ष 2018 में उत्तर प्रदेश सरकार ने 68,500 सहायक शिक्षकों की भर्ती के लिए पहली बार लिखित परीक्षा का आयोजन किया था। यह भर्ती प्रक्रिया शिक्षामित्रों के समायोजन को सुप्रीम कोर्ट द्वारा रद्द किए जाने के बाद खाली हुए पदों को भरने के लिए की गई थी। इस परीक्षा में न्यूनतम अर्हकारी अंक (Cut-off Marks) सामान्य और ओबीसी वर्ग के लिए 45% और आरक्षित श्रेणियों के लिए 40% रखे गए थे। यह भर्ती परीक्षा लिखित विवरणात्मक (Descriptive) प्रारूप में थी, जिसके मूल्यांकन में बड़े पैमाने पर विसंगतियां पाई गईं। उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन और कोर्ट के आदेशों के कारण यह भर्ती प्रक्रिया कई वर्षों तक लंबित रही, जिससे अभ्यर्थियों को भारी मानसिक तनाव का सामना करना पड़ा।

69,000 सहायक शिक्षक भर्ती (2019) और कानूनी पेच

68,500 भर्ती के तुरंत बाद सरकार ने 2019 में 69,000 सहायक शिक्षक पदों के लिए विज्ञापन जारी किया। इस बार परीक्षा को वस्तुनिष्ठ (OMR आधारित) बनाया गया। हालांकि, परीक्षा समाप्त होने के तुरंत बाद सरकार ने न्यूनतम अर्हकारी अंक बढ़ाकर सामान्य वर्ग के लिए 65% और आरक्षित श्रेणियों के लिए 60% कर दिए, जिसका अभ्यर्थियों ने कड़ा विरोध किया। यह मामला इलाहाबाद उच्च न्यायालय से लेकर देश की सर्वोच्च अदालत (Supreme Court) तक पहुंचा। अंततः कोर्ट ने सरकार के बढ़े हुए कट-ऑफ नियमों को सही ठहराया। लेकिन इसके बाद भी आरक्षण सूची तैयार करने में विसंगतियों और विज्ञापित सीटों के आवंटन में कथित गड़बड़ियों को लेकर यह भर्ती आज भी इलाहाबाद उच्च न्यायालय में विचाराधीन है, और इसके अभ्यर्थी लगातार न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।

उत्तर प्रदेश में शिक्षक भर्ती अभियानों का आकार (2018 से 2026)

तुलनात्मक तालिका: यूपी में विभिन्न शिक्षक पदों का वेतनमान और अर्हता

उत्तर प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक स्तर तक शिक्षकों के विभिन्न पदों पर नियुक्तियां की जाती हैं। इन पदों के कार्य दायित्व, आवश्यक शैक्षणिक योग्यताएं और उनके वेतनमान में काफी भिन्नता होती है। नीचे दी गई समेकित तालिका विभिन्न पदों के तुलनात्मक विश्लेषण को स्पष्ट रूप से दर्शाती है:

शिक्षक पद का प्रकार (Post Designation) मूल वेतनमान (Pay Scale) ग्रेड पे और लेवल (Grade Pay & Level) अर्हता संकेतक (Comparison Badge)
प्रवक्ता / पीजीटी (उच्च माध्यमिक विद्यालय) ₹47,600 – ₹1,51,100 ₹4,800 (पे-लेवल 8) ▲ Leading
एलटी ग्रेड / टीजीटी (माध्यमिक विद्यालय) ₹44,900 – ₹1,42,400 ₹4,600 (पे-लेवल 7) ▲ Leading
सहायक अध्यापक (परिषदीय प्राथमिक स्कूल) ₹35,400 – ₹1,12,400 ₹4,200 (पे-लेवल 6) ▼ Behind
शिक्षामित्र (अनुबंधित / संविदा शिक्षक) ₹10,000 नियत मानदेय कोई ग्रेड पे नहीं (संविदा) ▼ Behind
अंशकालिक अनुदेशक (उच्च प्राथमिक स्कूल) ₹9,000 नियत मानदेय कोई ग्रेड पे नहीं (संविदा) ▼ Behind
कस्तूरबा गांधी विद्यालय (पूर्णकालिक शिक्षक) ₹22,000 नियत मानदेय कोई ग्रेड पे नहीं (संविदा) ≈ Parity

उत्तर प्रदेश में बुनियादी शिक्षा सुधार और सरकार की नीतिगत पहल

उत्तर प्रदेश सरकार राज्य में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए केवल नई भर्तियां ही नहीं कर रही, बल्कि कई नीतिगत सुधारों को भी लागू कर रही है। बेसिक शिक्षा मंत्री सandeep Singh के अनुसार, राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्कूलों में छात्रों के नामांकन को बढ़ाना और शिक्षा की गुणवत्ता को निजी स्कूलों के स्तर पर लाना है। इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार 'ऑपरेशन कायाकल्प' के तहत सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे (भवन, शौचालय, पेयजल, स्मार्ट क्लास) को सुधारा जा रहा है।

निपुण भारत मिशन (NIPUN Bharat Mission) और मूल्यांकन

राज्य सरकार वर्तमान में प्राथमिक विद्यालयों में 'निपुण भारत मिशन' को प्रमुखता से लागू कर रही है। इसके तहत प्राथमिक स्तर के बच्चों में बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान (Foundational Literacy and Numeracy - FLN) को सुनिश्चित करने के लिए विशेष कार्ययोजनाएं चलाई जा रही हैं। नवनियुक्त शिक्षकों को भी इन आधुनिक तकनीकों और डिजिटल अध्यापन प्रणालियों का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया है कि भविष्य की सभी नियुक्तियां केवल योग्य और प्रशिक्षित अभ्यर्थियों की ही की जाएंगी ताकि राज्य के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को सर्वोत्तम शिक्षा मिल सके।

राज्य सरकार प्राथमिक विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रही है। हम भर्ती के खिलाफ नहीं हैं और छात्र-शिक्षक अनुपात को आदर्श स्तर पर बनाए रखने के लिए रिक्त पदों का विवरण ई-अधियाचन पोर्टल पर अपलोड करवा रहे हैं, जिसके बाद पारदर्शी प्रक्रिया से नए शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। — संदीप सिंह, बेसिक शिक्षा मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार (2025)

अभ्यर्थियों के लिए व्यावहारिक मार्गदर्शिका: यूपी शिक्षक भर्ती की तैयारी कैसे करें?

यदि आप यूपी शिक्षक भर्ती 2026 में 60,000 पदों पर अपना स्थान सुनिश्चित करना चाहते हैं, तो आपको अभी से अपनी तैयारी को व्यवस्थित रूप देना होगा। क्योंकि प्रतियोगिता का स्तर अत्यधिक कठिन होने वाला है और राज्य भर से लाखों योग्य अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल होंगे। लिखित परीक्षा के पाठ्यक्रम और परीक्षा पैटर्न के आधार पर आपको निम्नलिखित रणनीतियों का पालन करना चाहिए:

  1. पाठ्यक्रम का गहन अध्ययन: सबसे पहले पिछले वर्षों की लिखित परीक्षा (सुपर टीईटी) के आधिकारिक पाठ्यक्रम को डाउनलोड करें और प्रत्येक विषय के अंक भार को समझें।
  2. बुनियादी विषयों पर ध्यान दें: परीक्षा में बाल विकास (Child Development), शिक्षण कौशल (Teaching Skills), हिंदी, अंग्रेजी, गणित और सामान्य ज्ञान/करंट अफेयर्स की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इन विषयों के लिए मानक पाठ्यपुस्तकों का अध्ययन करें।
  3. नियमित मॉक टेस्ट: सप्ताह में कम से कम एक बार समय सीमा के भीतर ओएमआर शीट पर मॉक टेस्ट हल करें ताकि आपकी गति और सटीकता में सुधार हो सके।
  4. करंट अफेयर्स की तैयारी: पिछले एक वर्ष की राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय घटनाओं तथा उत्तर प्रदेश सरकार की प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं के नोट्स तैयार करें।
  5. आधिकारिक सूचनाओं पर नजर: सोशल मीडिया पर उड़ने वाली परीक्षा तिथियों और पात्रता संबंधी अफवाहों से बचें और केवल यूपीईएसएससी की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी होने वाले नोटिसों को ही सत्य मानें।

निष्कर्ष और आगे की राह

उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) द्वारा 60,000 शिक्षक पदों की भर्ती की तैयारियां बुनियादी शिक्षा के क्षेत्र में एक नए सुनहरे अध्याय की शुरुआत हैं। रिक्तियों का डिजिटल ई-अधियाचन संकलन और चयन प्रक्रिया में होने वाले तकनीकी सुधार यह सुनिश्चित करेंगे कि योग्य युवाओं को बिना किसी धांधली और देरी के रोजगार मिल सके। यह भर्ती न केवल राज्य के बेरोजगार प्रशिक्षित युवाओं को एक सम्मानजनक और सुरक्षित करियर विकल्प प्रदान करेगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों की कमी को दूर करके राज्य की बुनियादी शिक्षा व्यवस्था को भी नई ऊर्जा प्रदान करेगी। योग्य अभ्यर्थियों को बिना समय गंवाए अपनी तैयारियों में जुट जाना चाहिए, क्योंकि परीक्षा की घोषणा के बाद तैयारी के लिए बहुत कम समय मिल पाता है।

सत्यापित स्रोत और संदर्भ (Attributed Sources)

इस लेख में प्रस्तुत किए गए सभी आंकड़े और वक्तव्य निम्नलिखित आधिकारिक एवं विश्वसनीय स्रोतों से सत्यापित किए गए हैं:

  • उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC): 'ई-अधियाचन' (e-Adhyachan) पोर्टल सक्रियता और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSAs) को रिक्तियां अपलोड करने संबंधी निर्देश (जून 2026)।
  • उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग: परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 60,000 रिक्त पदों के पहचान संबंधी आधिकारिक दस्तावेज।
  • पत्र सूचना कार्यालय (PIB - उत्तर प्रदेश): मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का राज्य में सरकारी नौकरियों और शिक्षक भर्ती प्राथमिकताओं पर वक्तव्य (2025-2026)।
  • इंडिया टुडे (India Today): "60,000 teacher job vacancies across Uttar Pradesh, UPESSC set to recruit soon" (11 जून 2026 की विशेष रिपोर्ट)।
एआई सूचना और अस्वीकरण: यह पोस्ट केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए एआई तकनीक का उपयोग करके तैयार की गई थी। हालांकि हम सटीकता का लक्ष्य रखते हैं, लेकिन इंडियन न्यूज इस सामग्री के संबंध में कोई वारंटी नहीं देता है। इस जानकारी पर किसी भी तरह की निर्भरता पूरी तरह से आपके अपने जोखिम पर है और यह पेशेवर सलाह नहीं है।

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