ईपीएफओ (EPFO) का बड़ा कदम: निष्क्रिय खातों में फंसे ₹10,181 करोड़ की वापसी के लिए नई ऑटो-सेटलमेंट सुविधा, जानें पूरा नियम और अपना पैसा निकालने की प्रक्रिया

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने नौकरीपेशा वर्ग और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के हित में एक बड़ा और अत्यंत महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय लिया है। वर्तमान में ईपीएफओ के विभिन्न इनऑपरेटिव यानी निष्क्रिय पड़े भविष्य निधि (PF) खातों में अरबों रुपये की लावारिस राशि जमा है। हालिया आंकड़ों के मुताबिक, इस श्रेणी में कुल 10,181 करोड़ रुपये की भारी धनराशि फंसी हुई है, जो लाखों खाताधारकों के अधिकारों का हिस्सा है। ईपीएफओ ने इन लावारिस पड़े पैसों की वापसी की प्रक्रिया को सरल और त्वरित बनाने के लिए 'ऑटो-सेटलमेंट' (Auto-Settlement) सुविधा की शुरुआत की है। इस क्रांतिकारी पहल के तहत, अब पात्र खाताधारकों को अपने पैसे वापस पाने के लिए किसी लंबी कागजी कार्रवाई या नियोक्ता के चक्कर काटने की आवश्यकता नहीं होगी। यह विस्तृत रिपोर्ट इस नई प्रणाली के कामकाज, इसकी शर्तों, ब्याज से जुड़े नियमों और घर बैठे अपने पैसों को वापस पाने की पूरी प्रक्रिया का गहन विश्लेषण प्रस्तुत करती है।

ईपीएफओ भविष्य निधि और वित्तीय बचत ईपीएफओ ने निष्क्रिय भविष्य निधि खातों में जमा हजारों करोड़ रुपये की वापसी के लिए डिजिटल ऑटो-सेटलमेंट प्रणाली को मंजूरी दी है, जिससे दावों के निपटान में ऐतिहासिक तेजी आएगी।
मुख्य निष्कर्ष (Key Takeaways)
  • लावारिस राशि का पैमाना: वर्तमान में ईपीएफओ के पास कुल 31.8 लाख निष्क्रिय पड़े खातों में 10,181 करोड़ रुपये जमा हैं, जिन्हें उनके सही मालिकों तक पहुंचाने के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया गया है।
  • ऑटो-सेटलमेंट की सीमा: पायलट प्रोजेक्ट के तहत ईपीएफओ के केंद्रीय न्यासी बोर्ड (CBT) ने उन निष्क्रिय खातों के लिए स्वतः भुगतान को मंजूरी दी है जिनमें 1,000 रुपये या उससे कम की राशि बची हुई है।
  • आधार-सत्यापित खातों पर ध्यान: कुल 8.1 लाख आधार-सत्यापित निष्क्रिय खातों की पहचान की गई है, जिनमें कुल 5,200 करोड़ रुपये जमा हैं। इनका प्राथमिकता के आधार पर निपटान किया जाएगा।
  • ब्याज के संशोधित नियम: ईपीएफओ नियमों के अनुसार, खाताधारक के 58 वर्ष की आयु प्राप्त करने तक पीएफ बैलेंस पर लगातार ब्याज मिलता रहता है, भले ही उसमें योगदान रोक दिया गया हो। 58 वर्ष के बाद खाता पूरी तरह निष्क्रिय हो जाता है और उस पर ब्याज बंद हो जाता है।
  • डिजिटल क्लेम प्रक्रिया: बड़े दावों के लिए खाताधारक ईपीएफओ सदस्य सेवा पोर्टल पर जाकर फॉर्म 19 (पीएफ निकासी), फॉर्म 10C (पेंशन निकासी) या फॉर्म 13 (खाता स्थानांतरण) का ऑनलाइन उपयोग कर सकते हैं।

ईपीएफओ निष्क्रिय खातों का बढ़ता आकार: ₹10,181 करोड़ की भारी जमा राशि

भविष्य निधि (PF) भारत में संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए सामाजिक सुरक्षा और सेवानिवृत्ति के बाद का सबसे बड़ा वित्तीय आधार है। हालांकि, बार-बार नौकरी बदलने, पुरानी कंपनियों का बंद होने, या कर्मचारियों द्वारा पुराने खातों को नए यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) में ट्रांसफर न करने के कारण भारी मात्रा में पैसा बिना किसी दावे के पड़ा हुआ है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, फरवरी 2026 तक ईपीएफओ के पास कुल 31.8 लाख (3.18 मिलियन) इनऑपरेटिव खाते दर्ज हैं, जिनमें कुल मिलाकर 10,181 करोड़ रुपये की बड़ी रकम जमा है। यह धन संचय देश के कुल असंगठित एवं संगठित श्रम बल की गाढ़ी कमाई को दर्शाता है, जो कई दशकों से सरकारी खजाने में बिना किसी दावे के पड़ा है।

इन खातों की समय सीमा और उम्र का ढांचा भी बेहद चौंकाने वाला है। कुल 31.8 लाख निष्क्रिय खातों में से लगभग 7 लाख खाते ऐसे हैं जो 20 वर्षों से भी अधिक पुराने हैं। वहीं, लगभग 1.8 लाख खाते 10 से 20 वर्ष की अवधि के बीच के हैं। सबसे बड़ी संख्या उन खातों की है जो 5 से 10 वर्षों से निष्क्रिय पड़े हैं, इनकी संख्या लगभग 13 लाख है। इतनी बड़ी संख्या में खातों के निष्क्रिय होने का मुख्य कारण पहले की वह जटिल प्रक्रिया थी, जिसमें पुरानी कंपनी के हस्ताक्षर और भौतिक सत्यापन की आवश्यकता होती थी। आज के डिजिटल युग में, ईपीएफओ का लक्ष्य इन पुरानी विसंगतियों को दूर करना और यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक रुपये का हिसाब उसके मूल खाताधारक या उसके कानूनी वारिस तक पहुंचे।

इस संकट से निपटने के लिए ईपीएफओ ने एक त्रि-स्तरीय रणनीति तैयार की है, जिसके अंतर्गत खातों का उनके उम्र वर्ग के अनुसार वर्गीकरण किया गया है। 5 वर्ष से कम के निष्क्रिय खातों को आसान प्रक्रिया के तहत नए नियोक्ताओं के खातों में ऑनलाइन मर्ज किया जा रहा है। जबकि 10 वर्ष से अधिक पुराने खातों के लिए विशेष केवाईसी अभियान चलाया जा रहा है ताकि उनके धारकों की पहचान की जा सके। यह ऐतिहासिक पहल देश के वित्तीय समावेशन और डिजिटल सुधारों के एक नए युग का संकेत है, जहां सरकारी एजेंसियां खुद आगे बढ़कर नागरिकों को उनका हक दे रही हैं।

₹10,181 Cr कुल निष्क्रिय जमा राशि
31.8 Lakh कुल निष्क्रिय खाते
7 Lakh 20 वर्ष से अधिक पुराने खाते
13 Lakh 5 से 10 वर्ष पुराने खाते

नई ऑटो-सेटलमेंट (Auto-Settlement) प्रणाली: ₹1,000 तक की राशि सीधे बैंक खाते में

निष्क्रिय पड़े भविष्य निधि खातों से पैसा निकालना हमेशा से एक थकाऊ प्रक्रिया रही है, विशेष रूप से उन मामलों में जहां जमा राशि बहुत कम होती थी। अक्सर कर्मचारी केवल 500 या 800 रुपये निकालने के लिए फॉर्म भरने और उसे प्रमाणित करवाने के झंझट से बचने के लिए अपने खातों को ऐसे ही छोड़ देते थे। इसी समस्या का समाधान करते हुए ईपीएफओ के केंद्रीय न्यासी बोर्ड (Central Board of Trustees - CBT) ने हाल ही में आयोजित अपनी महत्वपूर्ण बैठक में एक ऐतिहासिक ऑटो-सेटलमेंट सुविधा को हरी झंडी दी है। इस योजना के अंतर्गत, जिन निष्क्रिय खातों में कुल जमा राशि 1,000 रुपये या उससे कम है, उनका पैसा सीधे सदस्य के बैंक खाते में भेज दिया जाएगा।

इस स्वचालित भुगतान प्रणाली की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसके लिए सदस्य को ईपीएफओ पोर्टल पर जाकर कोई दावा (Claim) प्रस्तुत नहीं करना होगा। ईपीएफओ का सॉफ्टवेयर स्वतः ऐसे निष्क्रिय खातों की पहचान करेगा जिनका केवाईसी पूर्ण है और जो आधार से जुड़े हुए हैं। इसके बाद, सिस्टम सीधे पंजीकृत बैंक खातों में राशि क्रेडिट कर देगा। इस शुरुआती पायलट प्रोजेक्ट के माध्यम से लाखों छोटे खाताधारकों को बड़ी राहत मिलेगी। ईपीएफओ के अधिकारियों का कहना है कि इस छोटे स्तर के ऑटो-सेटलमेंट से मिलने वाले अनुभवों और तकनीकी दक्षता के आधार पर भविष्य में अधिक राशि वाले खातों के लिए भी इसी प्रकार की स्वचालित रणनीतियां तैयार की जाएंगी, जिसमें अक्टूबर 2017 के बाद शामिल हुए सदस्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।

ऑटो-सेटलमेंट की यह सुविधा मुख्य रूप से उन पूर्व-कर्मचारियों के लिए बेहद लाभकारी सिद्ध होगी जिन्होंने बहुत कम समय तक नौकरी की और बाद में अपना खुद का व्यवसाय शुरू कर दिया या श्रम बल से बाहर हो गए। इस व्यवस्था से न केवल नागरिकों को उनका पैसा वापस मिलेगा, बल्कि ईपीएफओ के डेटाबेस से लाखों की संख्या में निष्क्रिय खातों का बोझ भी कम होगा, जिससे संगठन की प्रशासनिक कार्यकुशलता में सुधार होगा। सरकार की यह पहल न्यूनतम सरकार और अधिकतम शासन के सिद्धांत पर आधारित है, जहां तकनीकी सुधारों के जरिए आम जनता के जीवन को सुगम बनाया जा रहा है।

आधार-सत्यापित (Aadhaar-Verified) खातों पर विशेष ध्यान: ₹5,200 करोड़ की वापसी की योजना

ईपीएफओ की इस बड़ी योजना के अगले चरण में उन निष्क्रिय खातों को लक्षित किया गया है जो पहले से ही आधार (Aadhaar) से सत्यापित हैं। कुल 31.8 लाख निष्क्रिय खातों में से लगभग 8.1 लाख खाते ऐसे हैं जिनका आधार सत्यापन पूर्ण हो चुका है। इन 8.1 लाख आधार-सत्यापित खातों में कुल मिलाकर 5,200 करोड़ रुपये की विशाल धनराशि जमा है। चूंकि इन खाताधारकों की पहचान पहले से ही प्रमाणित है, इसलिए ईपीएफओ के लिए इन खातों का निपटान करना सबसे आसान और सुरक्षित है। ईपीएफओ ने इस समूह के लिए एक व्यापक वितरण रूपरेखा तैयार की है ताकि बड़े फंडों को शीघ्रता से उनके मालिकों तक पहुंचाया जा सके।

इस 5,200 करोड़ रुपये के कोष का विश्लेषण करने पर पता चलता है कि इनमें से लगभग 14,000 खाते ऐसे हैं जिनमें व्यक्तिगत रूप से 5 लाख रुपये से अधिक की राशि जमा है। वहीं, लगभग 38,000 खातों में 1 लाख से 5 लाख रुपये के बीच का बैलेंस है। इसके अतिरिक्त, लगभग 41,000 खातों में 50,000 रुपये से लेकर 1 लाख रुपये तक की राशि जमा है। शेष खातों में 50,000 रुपये से कम की छोटी राशियां जमा हैं। ईपीएफओ इन सभी धारकों को उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस (SMS) और ईमेल के जरिए सीधे सूचित कर रहा है ताकि वे अपने बैंक खाते की जानकारी अपडेट कर सकें और भुगतान प्राप्त कर सकें।

आधार-सत्यापित खातों के लिए शुरू की गई इस विशेष मुहिम के तहत ईपीएफओ बैंकों के साथ मिलकर काम कर रहा है ताकि यदि किसी सदस्य का पुराना बैंक खाता बंद हो चुका है, तो उसके नए बैंक खाते को आधार मैपिंग के जरिए पहचान कर जोड़ा जा सके। इस प्रक्रिया में सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है ताकि किसी भी तरह के ऑनलाइन फ्रॉड या गलत भुगतान की गुंजाइश न रहे। खाताधारकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने यूएएन (UAN) पोर्टल पर जाकर अपनी बैंक पासबुक या कैंसल चेक की प्रति अपलोड कर लें ताकि भुगतान में कोई तकनीकी बाधा न आए।

सुरक्षा चेतावनी और साइबर धोखाधड़ी से बचाव: ईपीएफओ ने अपने आधिकारिक दिशानिर्देशों में स्पष्ट किया है कि कोई भी अधिकारी या कर्मचारी कभी भी ग्राहकों को फोन कॉल, व्हाट्सएप संदेश या सोशल मीडिया के जरिए उनकी व्यक्तिगत जानकारी, ओटीपी (OTP), या बैंक खाता विवरण नहीं मांगता है। निष्क्रिय खातों से पैसा निकालने के लिए केवल आधिकारिक सदस्य सेवा पोर्टल (Unified Member Portal) का ही उपयोग करें। किसी भी अनधिकृत एजेंट या फर्जी वेबसाइट के झांसे में न आएं, क्योंकि यह आपके धन और व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हो सकता है।

निष्क्रिय खाता ब्याज नियम: कब तक मिलता है ब्याज और कब बंद होता है?

आम तौर पर भविष्य निधि खाताधारकों के बीच यह एक बड़ी भ्रांति फैली हुई है कि यदि किसी पीएफ खाते में लगातार तीन वर्षों तक कोई नया योगदान या अंशदान जमा नहीं किया जाता है, तो वह खाता पूरी तरह से ब्याज कमाना बंद कर देता है। ईपीएफओ ने समय-समय पर इस नियम में बदलाव किए हैं और वर्तमान में यह व्यवस्था बहुत अलग है। नए नियमों के अनुसार, यदि कोई कर्मचारी नौकरी छोड़ देता है और उसका पीएफ खाता निष्क्रिय हो जाता है, तो भी उसके खाते में जमा राशि पर तब तक लगातार ब्याज जुड़ता रहता है जब तक कि वह सदस्य 58 वर्ष की आयु प्राप्त नहीं कर लेता।

इस नियम के पीछे का तार्किक आधार यह है कि ईपीएफओ अपने सदस्यों के बुढ़ापे की बचत को सुरक्षित रखना चाहता है। ब्याज की यह गणना ईपीएफओ द्वारा हर वर्ष घोषित की जाने वाली आधिकारिक ब्याज दर (जैसे हालिया वर्षों में 8.25% या तत्कालीन घोषित दर) के अनुसार ही की जाती है। हालांकि, जैसे ही कोई सदस्य 58 वर्ष की आयु पूरी कर लेता है, उसके खाते में ब्याज का मिलना स्थायी रूप से बंद हो जाता है। 58 वर्ष की आयु के बाद भी यदि पैसा नहीं निकाला जाता है, तो उसे आधिकारिक तौर पर 'इनऑपरेटिव या इनएक्टिव' घोषित कर दिया जाता है और वह राशि अनक्लेम्ड फंड के रूप में स्थानांतरित हो जाती है।

इसके विपरीत, यदि कोई कर्मचारी 55 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त (Retire) हो जाता है और अगले 36 महीनों (3 वर्षों) तक वह अपने खाते से कोई निकासी नहीं करता है और न ही कोई नया योगदान आता है, तो 55 वर्ष की आयु के बाद योगदान रुकने के 3 वर्ष पूरे होते ही (यानी 58 वर्ष की आयु में) उसका खाता निष्क्रिय मान लिया जाता है और उस पर ब्याज मिलना बंद हो जाता है। इसलिए, सभी नौकरीपेशा लोगों को सलाह दी जाती है कि वे 58 वर्ष की आयु पूरी होने से पहले ही अपने संचित फंड को या तो निकाल लें या उसे अपने सक्रिय खाते में ट्रांसफर कर लें, ताकि उनकी जमा पूंजी पर मिलने वाले चक्रवृद्धि ब्याज का नुकसान न हो।

निष्क्रिय खातों में पड़ा पैसा देश के मेहनतकश कर्मचारियों की गाढ़ी कमाई है। हमारा उद्देश्य है कि अत्याधुनिक डिजिटल तकनीक के माध्यम से इस पैसे को बिना किसी जटिल कागजी कार्रवाई के उनके आधार-लिंक्ड बैंक खातों में सुरक्षित तरीके से वापस भेजा जाए। — डॉ. मनसुख मांडविया, केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री (2026)
₹1,000 या उससे कम के बैलेंस वाले निष्क्रिय खातों के लिए ऑटो-सेटलमेंट की शुरुआत एक मील का पत्थर है। इसके अनुभवों के आधार पर हम भविष्य में अधिक राशि वाले खातों के लिए भी सरल निपटान रणनीति विकसित करेंगे। — श्रीमती नीलम शमी राव, केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त, ईपीएफओ (2026)

सक्रिय बनाम निष्क्रिय पीएफ खाता: एक तुलनात्मक विश्लेषण

सक्रिय और निष्क्रिय पीएफ खातों के बीच अंतर को स्पष्ट रूप से समझने के लिए ईपीएफओ के नियमों के तहत उनके व्यवहार और लाभों का तुलनात्मक अध्ययन करना आवश्यक है। नीचे दी गई तालिका इन दोनों स्थितियों के प्रमुख वित्तीय और प्रशासनिक मानदंडों का विवरण प्रस्तुत करती है:

तुलना का मानक (Comparison Parameter) सक्रिय पीएफ खाता (Active PF Account) निष्क्रिय पीएफ खाता (Inoperative PF Account) दर्जा संकेतक (Status Badge)
ब्याज अर्जन की स्थिति (Interest Accrual) हर साल घोषित दर (8.25% या अधिक) पर नियमित ब्याज मिलता है। 58 वर्ष की आयु तक ब्याज मिलता है, उसके बाद ब्याज मिलना पूरी तरह बंद हो जाता है। ▲ Leading
मासिक योगदान (Monthly Contribution) नियोक्ता और कर्मचारी द्वारा वेतन का 12% नियमित रूप से जमा होता है। कोई नया मासिक योगदान जमा नहीं होता (0% योगदान)। ▲ Leading
केवाईसी अपडेट और लिंकिंग (KYC Dependency) यूएएन पोर्टल के माध्यम से आधार और बैंक विवरण का डिजिटल प्रमाणीकरण आवश्यक। भुगतान के लिए आधार सत्यापन अनिवार्य है, अन्यथा भुगतान अटक सकता है। ▼ Behind
निकासी एवं ट्रांसफर (Withdrawal & Transfer) पोर्टल पर ऑनलाइन क्लेम फॉर्म के माध्यम से तत्काल निपटान। ₹1,000 तक ऑटो-सेटलमेंट, बड़ी राशि के लिए नियोक्ता प्रमाणीकरण या केवाईसी सुधार जरूरी। ≈ Parity

निष्क्रिय पीएफ खाते से पैसे निकालने की चरण-दर-चरण प्रक्रिया: फॉर्म 19, 10C और 13 का उपयोग

यदि आपका कोई पुराना पीएफ खाता निष्क्रिय हो चुका है और उसकी राशि 1,000 रुपये से अधिक है, तो उसे निकालने या अपने नए खाते में ट्रांसफर करने के लिए आपको ऑनलाइन प्रक्रिया का पालन करना होगा। ईपीएफओ ने इस पूरी व्यवस्था को डिजिटल कर दिया है। सदस्य सेवा पोर्टल पर जाकर आप निम्नलिखित चरणों का पालन करके अपना पैसा प्राप्त कर सकते हैं:

  1. यूएएन (UAN) पोर्टल पर लॉग इन करें: सबसे पहले ईपीएफओ की आधिकारिक सदस्य सेवा वेबसाइट (Unified Member Portal) पर जाएं। अपने 12 अंकों के यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN), पासवर्ड और स्क्रीन पर दिए गए कैप्चा कोड को दर्ज करके लॉग इन करें। यदि आपका यूएएन सक्रिय नहीं है, तो पहले होमपेज पर दिए गए 'Activate UAN' लिंक पर क्लिक करके इसे सक्रिय करें।
  2. केवाईसी (KYC) विवरण सत्यापित करें: लॉग इन करने के बाद, 'Manage' टैब के अंतर्गत 'KYC' विकल्प पर जाएं। सुनिश्चित करें कि आपका आधार कार्ड, पैन कार्ड और वर्तमान बैंक खाते की जानकारी वहां दर्ज है और वह नियोक्ता या ईपीएफओ द्वारा सत्यापित (Digitally Approved) है। यदि केवाईसी अधूरा है, तो आवश्यक विवरण दर्ज करें और नियोक्ता से उसे मंजूरी देने का अनुरोध करें।
  3. ऑनलाइन क्लेम का चयन करें: होमपेज पर ऊपर दिए गए 'Online Services' मेनू पर जाएं और ड्रॉपडाउन से 'Claim (Form-31, 19, 10C & 10D)' विकल्प को चुनें। इसके बाद स्क्रीन पर आपकी व्यक्तिगत जानकारी प्रदर्शित होगी, वहां अपने पंजीकृत बैंक खाते के अंतिम 4 अंकों को दर्ज करके अकाउंट का सत्यापन करें।
  4. आवश्यक फॉर्म का चयन करें: बैंक सत्यापन पूरा होने के बाद 'Proceed for Online Claim' पर क्लिक करें। इसके बाद आपको एक ड्रॉपडाउन मिलेगा जिसमें पूछा जाएगा कि आप क्या आवेदन करना चाहते हैं। यदि आप पूरी राशि निकालना चाहते हैं, तो 'Only PF Withdrawal (Form 19)' चुनें। यदि आप पेंशन का हिस्सा भी निकालना चाहते हैं, तो 'Only Pension Withdrawal (Form 10C)' का चयन करें।
  5. पैसे ट्रांसफर करने के लिए फॉर्म 13: यदि आप अपनी पिछली नौकरी का पैसा वर्तमान कंपनी के खाते में ट्रांसफर करना चाहते हैं, तो 'Online Services' में जाकर 'One Member – One EPF Account (Transfer Request)' का चयन करें। यहां अपने पुराने खाते का विवरण दर्ज करें और उसे वर्तमान या पुराने नियोक्ता के डिजिटल हस्ताक्षर के जरिए अटेस्ट करने के लिए जमा करें।

ऑनलाइन दावा प्रस्तुत करने के बाद, आपके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एक आधार-आधारित ओटीपी (OTP) भेजा जाएगा। ओटीपी दर्ज करके सबमिट करते ही आपका दावा ईपीएफओ के पास दर्ज हो जाएगा। सामान्य परिस्थितियों में, ऑनलाइन दावों का निपटान 7 से 15 कार्य दिवसों (Working Days) के भीतर हो जाता है और स्वीकृत राशि सीधे आपके बैंक खाते में जमा हो जाती है। आप किसी भी समय पोर्टल पर 'Track Claim Status' विकल्प के माध्यम से अपने आवेदन की स्थिति की जांच कर सकते हैं।

ईपीएफआईजीएमएस (EPFiGMS) पोर्टल पर शिकायत दर्ज करने की विधि: समस्याओं का डिजिटल समाधान

कई बार खाताधारकों को अपने बहुत पुराने या निष्क्रिय खातों को ट्रैक करने में कठिनाई होती है, या उनका यूएएन एक्टिवेट नहीं हो पाता। कुछ मामलों में नियोक्ताओं के असहयोग के कारण भी दावे अटक जाते हैं। इन सभी समस्याओं के निवारण के लिए ईपीएफओ ने एक समर्पित शिकायत निवारण प्रणाली विकसित की है, जिसे EPFiGMS (EPF i-Grievance Management System) कहा जाता है। यह एक अत्यंत प्रभावी डिजिटल मंच है जहां सदस्य सीधे अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं और उसका समाधान पा सकते हैं।

शिकायत दर्ज कराने के लिए सबसे पहले आधिकारिक शिकायत पोर्टल (https://epfigms.gov.in/) पर जाएं। वहां होमपेज पर दिए गए 'Register Grievance' विकल्प पर क्लिक करें। आपको अपनी श्रेणी चुननी होगी (जैसे ईपीएफ सदस्य, पेंशनभोगी, या नियोक्ता)। यदि आपके पास यूएएन नहीं है, तो आप 'Others' विकल्प का चयन कर सकते हैं। इसके बाद अपना यूएएन और कैप्चा कोड दर्ज करके ओटीपी प्राप्त करें। ओटीपी दर्ज करने के बाद, आपको अपनी शिकायत का विवरण लिखना होगा और संबंधित दस्तावेजों (जैसे पुरानी सैलरी स्लिप, पीएफ पासबुक या आधार कार्ड) को पीडीएफ प्रारूप में अपलोड करना होगा।

शिकायत दर्ज होने के बाद सिस्टम एक अद्वितीय शिकायत पंजीकरण संख्या (Grievance Registration Number) उत्पन्न करता है। इस नंबर के माध्यम से आप किसी भी समय अपनी शिकायत की प्रगति को ट्रैक कर सकते हैं। ईपीएफओ के नियमों के अनुसार, दर्ज की गई शिकायतों का निपटान अधिकतम 15 दिनों के भीतर करना अनिवार्य होता है। यदि आप समाधान से संतुष्ट नहीं हैं, तो आप उसी पोर्टल पर 'Send Reminder' विकल्प का उपयोग कर उच्च अधिकारियों को अपनी शिकायत री-डायरेक्ट कर सकते हैं। यह प्रणाली खाताधारकों और ईपीएफओ प्रशासन के बीच एक मजबूत कड़ी के रूप में काम करती है।

सुरक्षित वापसी के लिए खातों का उम्रवार वर्गीकरण

ईपीएफओ ने निष्क्रिय खातों से राशि की सुरक्षित वापसी के लिए उम्र के आधार पर एक वर्गीकरण चार्ट तैयार किया है। इससे धारकों को यह समझने में मदद मिलेगी कि उनके खाते की वर्तमान स्थिति क्या है और उन्हें क्या कदम उठाने की आवश्यकता है:

ईपीएफओ निष्क्रिय खातों का आयु-वार वितरण (लाख खातों में)

ऊपर दिए गए चार्ट से स्पष्ट है कि निष्क्रिय पड़े खातों में सबसे बड़ा हिस्सा 5 से 10 वर्ष पुराने खातों का है, जिनकी संख्या 13 लाख है। इसका अर्थ यह है कि हाल के वर्षों में नौकरी बदलने वाले लोगों ने अपने खातों को सही समय पर अपडेट नहीं किया है। इसके बाद 20 वर्ष से अधिक पुराने खातों का नंबर आता है, जिनकी संख्या 7 लाख है। यह श्रेणी सबसे जटिल है क्योंकि इसमें कई मामलों में सदस्यों के नाम की स्पेलिंग, जन्मतिथि या माता-पिता के नाम में विसंगतियां हैं, जिसके कारण केवाईसी सत्यापन में अधिक समय लग रहा है। ईपीएफओ ने इन धारकों से अपील की है कि वे नजदीकी क्षेत्रीय कार्यालय में जाकर संयुक्त घोषणा पत्र (Joint Declaration Form) के जरिए इन त्रुटियों को ठीक करवाएं।

सरकारी योजनाएं और भविष्य की राह: ई-प्राप्ति (E-PRAAPTI) और डिजिटल सुधार

भारत सरकार का श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ईपीएफओ को एक आधुनिक, पारदर्शी और पूर्णतः डिजिटल संस्थान बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए निरंतर तकनीकी सुधार किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में ईपीएफओ ने E-PRAAPTI (Employee Provident Fund Aadhaar-Based Access Portal for Tracking Inoperative Accounts) नामक एक एकीकृत सुविधा शुरू की है। यह पोर्टल विशेष रूप से उन लोगों की मदद के लिए बनाया गया है जो अपने पुराने पीएफ खाते का नंबर भूल चुके हैं। ई-प्राप्ति पोर्टल पर जाकर सदस्य केवल अपना नाम, आधार नंबर और जन्मतिथि दर्ज करके अपने सभी पुराने और निष्क्रिय पड़े पीएफ खातों को खोज सकते हैं।

इसके अतिरिक्त, ईपीएफओ वर्तमान में अपने आईटी बुनियादी ढांचे को अपग्रेड कर रहा है और जल्द ही Central IT System 2.01 को लागू किया जा रहा है। इस नए सिस्टम के आने से भविष्य निधि दावों का निपटान समय घटकर केवल 24 घंटे रह जाएगा। साथ ही, जब भी कोई कर्मचारी नौकरी बदलेगा, तो उसका पुराना पीएफ फंड बिना किसी मैनुअल हस्तक्षेप के स्वतः ही नई कंपनी के पीएफ खाते में ट्रांसफर हो जाएगा। यह सुधार भारत सरकार के 'ईज ऑफ लिविंग' (Ease of Living) अभियान का हिस्सा है, जो नागरिकों को सरकारी सेवाओं का लाभ उठाने में होने वाली असुविधाओं को समाप्त करता है।

अंततः, निष्क्रिय खातों में जमा 10,181 करोड़ रुपये की यह विशाल राशि केवल एक आंकड़ा नहीं है, बल्कि यह देश के लाखों मध्यमवर्गीय परिवारों की बचत है। ईपीएफओ द्वारा शुरू की गई ऑटो-सेटलमेंट सुविधा और ई-प्राप्ति जैसे डिजिटल सुधार इस बात का प्रमाण हैं कि सरकार नागरिकों के धन की सुरक्षा और उसकी सुगम वापसी के लिए कितनी गंभीर है। खाताधारकों को भी इस दिशा में जागरूक होना चाहिए और अपने पुराने खातों को समय पर ट्रैक करके अपने संचित फंड को निकालना या स्थानांतरित करना चाहिए, ताकि बुढ़ापे की यह गाढ़ी कमाई सही समय पर उनके काम आ सके।

स्रोत और संदर्भ सूची (Sources & References)

  • कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति: epfindia.gov.in
  • द टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI) आर्थिक रिपोर्ट: timesofindia.indiatimes.com
  • पत्र सूचना कार्यालय (PIB) भारत सरकार: pib.gov.in
  • ईपीएफ शिकायत प्रबंधन प्रणाली पोर्टल: epfigms.gov.in
एआई सूचना और अस्वीकरण: यह पोस्ट केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए एआई तकनीक का उपयोग करके तैयार की गई थी। हालांकि हम सटीकता का लक्ष्य रखते हैं, लेकिन इंडियन न्यूज इस सामग्री के संबंध में कोई वारंटी नहीं देता है। इस जानकारी पर किसी भी तरह की निर्भरता पूरी तरह से आपके अपने जोखिम पर है और यह पेशेवर सलाह नहीं है।

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